Wednesday, August 14, 2013


*** छेत्रिय पार्टियों का हस्र ***
देश की छेत्रिय पार्टियों का जन्म ही हुआ था कांग्रेस के नितियों के विरोध में,
क्यों की कांग्रेस राज्यों के विकास पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी 
इसलिए राज्य की जनता राज्य के कद्दावर नेता पर भरोसा कर उसे जनादेस दिए , 
ये कद्दावर नेता जनता के मत से चुन कर आये और राज्य में अपनी सरकार बनाये, 
खुद की अपनी पार्टियाँ बनाई 
और सत्ता का दुरूपयोग कर बहुत सारे धन कमाएं (कालाधन) 
और यही पर इनसे गलती हुई .... 
कांग्रेस तो चाहती ही थी की इनसे कोई गलती हो | 
आज ज्यादातर छेत्रिय पार्टियों के नेता आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे हुए है 
और कांग्रेस उनसे हर वो गलत काम करा रही है जो देश हित में नहीं है 
और ये चाह कर भी कांग्रेस का या उसके नितियों का विरोध नहीं कर सकते है 
क्यों की कांग्रेस के पास सीबीआई जैसा मारक छमता का मिसाइल है 
जिसका वह समय समय पर प्रयोग करती रहती है| 
अब ये छेत्रिय पार्टियाँ अपने को जेल जाने बचायेंगे या राज्य के विकाश का कार्य करेगें ... ?
अगले वर्ष चुनाव होने जा रहा है 

"अपने मतों का उपयोग बहुत सोंच समझ कर करें" |

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